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Pitru Paksha Upay: 10 Upay Jo Dhan-Samriddhi Ke Liye Shubh Maane Jaate Hain

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Pitru Paksha Upay: 10 Upay Jo Dhan-Samriddhi Ke Liye Shubh Maane Jaate Hain
September 17, 2026 Pitru Paksha,Vedic Remedies

Pitru Paksha Upay: 10 Upay Jo Dhan-Samriddhi Ke Liye Shubh Maane Jaate Hain

पितृ पक्ष का समय हमारे पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ अपने जीवन से चल रहे दुर्भाग्य, रुकावटों और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का भी सबसे शक्तिशाली अवसर माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि यदि पितर प्रसन्न न हों, तो व्यक्ति को करियर, विवाह, संतान और धन से जुड़ी अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन राहत की बात यह है कि इन 16 दिनों में किए गए कुछ सरल उपाय ही पितृ दोष को शांत कर सकते हैं और आपको आने वाले दुर्भाग्य से बचा सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 10 आसान और प्रभावी उपाय।

1. प्रतिदिन पितरों को जल तर्पण करें

सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, काले तिल और कुश डालकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों को तर्पण दें। यह सबसे बुनियादी और सबसे प्रभावशाली उपाय माना जाता है।

2. पीपल के वृक्ष में जल और तिल अर्पित करें

पीपल को पितरों का वास स्थान माना गया है। प्रतिदिन शाम के समय पीपल में जल और काले तिल चढ़ाकर "ॐ पितृभ्यः नमः" मंत्र का जाप करें। इससे पितृ दोष में तेजी से राहत मिलती है।

3. कौए और गाय को भोजन कराएं

शास्त्रों में कौए को पितरों का प्रतीक माना जाता है। भोजन बनाते ही सबसे पहला अंश कौए और गाय के लिए निकालें। ऐसा करने से पितर तृप्त होते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

4. ब्राह्मण भोज व दान करें

यथाशक्ति ब्राह्मण को भोजन कराएं और उन्हें वस्त्र, तिल, अन्न या दक्षिणा दान करें। दान करते समय पूर्वजों का स्मरण अवश्य करें, इससे उपाय का पूर्ण फल मिलता है।

5. गीता या श्राद्ध पाठ का नियमित पाठ करें

पितृ पक्ष में घर में श्रीमद्भगवद्गीता, गरुड़ पुराण या श्राद्ध विधि से जुड़े पाठ का श्रवण-वाचन करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

6. पितृ स्तोत्र या पितृ सूक्त का पाठ करें

प्रतिदिन "पितृ स्तोत्र" अथवा "पितृ सूक्त" का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जिन्हें कुंडली में पितृ दोष की पुष्टि हो चुकी है।

7. सर्वपितृ अमावस्या पर विशेष श्राद्ध करें

यदि किसी कारणवश आप अपने पूर्वज की मृत्यु तिथि पर श्राद्ध नहीं कर पाए, तो सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध करना अनिवार्य माना जाता है। यह दिन सभी पितरों के लिए समर्पित है।

8. घर के दक्षिण-पश्चिम कोण को स्वच्छ व व्यवस्थित रखें

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) कोण पितृ ऊर्जा से जुड़ा होता है। इस दिशा में अव्यवस्था, टूटी वस्तुएं या अंधेरा न रखें। इसे साफ व रोशनीयुक्त रखने से पितृ दोष का प्रभाव कम होता है।

9. मांगलिक कार्यों और तामसिक भोजन से परहेज करें

पितृ पक्ष के दौरान नए कार्यों की शुरुआत, विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक आयोजन टालें और मांस-मदिरा से दूरी बनाए रखें। इससे पितरों के प्रति सम्मान बना रहता है और घर पर उनकी कृपा बनी रहती है।

10. गया जी में पिंडदान कराएं

यदि संभव हो सके, तो पितृ पक्ष में गया जी जाकर पिंडदान कराना सबसे उत्तम उपाय माना गया है। इसे पितृ दोष से पूर्ण मुक्ति दिलाने वाला सबसे प्रभावशाली उपाय कहा जाता है। जो लोग गया जी नहीं जा सकते, वे किसी योग्य पंडित के मार्गदर्शन में घर पर भी विधिपूर्वक पिंडदान करा सकते हैं।

निष्कर्ष

पितृ पक्ष के ये 10 उपाय भले ही सरल दिखें, लेकिन श्रद्धा और नियम के साथ किए जाने पर ये पितृ दोष को शांत करने और जीवन में आ रहे दुर्भाग्य को दूर करने में बेहद कारगर सिद्ध होते हैं। अगर आपकी कुंडली में पितृ दोष की पुष्टि करनी हो या अपने लिए व्यक्तिगत उपाय जानने हों, तो सटीक कुंडली विश्लेषण के लिए किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य ज्योतिषीय और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत उपाय व मार्गदर्शन के लिए योग्य ज्योतिषी से संपर्क करें।

About the Author

Dr Shalini Mehta

Dr. Shalini Mehta

Vedic Sciences Expert

Founder of Sai Kiran Institute with 30+ years of experience in Astrology, Vastu, Numerology and Palmistry.

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