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Navratri 2026: Ghatasthapana Muhurat, Mahatva Aur Vastu-Jyotish Tips

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Navratri 2026: Ghatasthapana Muhurat, Mahatva Aur Vastu-Jyotish Tips
September 17, 2026 Navratri,Vastu Astrology

Navratri 2026: Ghatasthapana Muhurat, Mahatva Aur Vastu-Jyotish Tips

शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे शक्तिशाली और ऊर्जावान पर्वों में से एक है, जब नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। पितृ पक्ष की समाप्ति के तुरंत बाद आने वाला यह पर्व घर में सकारात्मकता, समृद्धि और नई शुरुआत लाने का प्रतीक माना जाता है।

नवरात्रि 2026 की तिथियां

पंचांग गणनाओं के अनुसार 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत **घटस्थापना (कलश स्थापना)** के साथ होगी, जिसके बाद नौ दिन देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होगी और पर्व का समापन महानवमी व **विजयादशमी (दशहरा)** के साथ होगा। चूंकि पंचांग तिथियां शहर और स्रोत के अनुसार थोड़ी भिन्न दिख सकती हैं, इसलिए घटस्थापना का सटीक शुभ मुहूर्त अपने शहर के पंचांग से एक बार अवश्य कन्फर्म करें।

घटस्थापना क्यों है सबसे महत्वपूर्ण?

ज्योतिष के अनुसार घटस्थापना का शुभ मुहूर्त पूरे नौ दिनों की साधना की नींव तय करता है। सही मुहूर्त में स्थापित कलश घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखता है, इसलिए मुहूर्त का ध्यान रखना और चौघड़िया व राहुकाल से बचना आवश्यक माना जाता है।

नवरात्रि में वास्तु के अनुसार पूजा स्थान कैसे तैयार करें

एक ज्योतिष व वास्तु परामर्शदाता के रूप में हम अक्सर देखते हैं कि सही दिशा में पूजा स्थल न होने से साधना का पूर्ण फल नहीं मिलता। नवरात्रि के दौरान इन वास्तु सुझावों का ध्यान रखें:

- कलश और देवी प्रतिमा को घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में स्थापित करें — यह दिशा देवी ऊर्जा के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।
- पूजा स्थल के आसपास अव्यवस्था या टूटी-फूटी वस्तुएं न रखें, इससे ऊर्जा प्रवाह बाधित होता है।
- अखंड ज्योति जलाते समय ध्यान रखें कि वह सीधे हवा के मार्ग में न हो और उसकी लौ पूर्व या उत्तर दिशा की ओर हो।
- पूजा कक्ष में हल्के, सात्विक रंगों (पीला, लाल, सफेद) का प्रयोग शुभ माना जाता है।

नवरात्रि के नौ दिन और नौ रंगों का महत्व

प्रत्येक दिन का रंग उस दिन के वार और ग्रह से जुड़ा होता है। मान्यता है कि उस दिन के निर्धारित रंग के वस्त्र पहनने या पूजा में उपयोग करने से संबंधित ग्रह ऊर्जा प्रबल होती है और देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। अपने शहर के पंचांग से प्रतिदिन का रंग जानकर उसी अनुसार तैयारी करना शुभ रहता है।

नवरात्रि में करियर, विवाह और स्वास्थ्य के लिए ज्योतिषीय उपाय

- करियर में उन्नति के लिए मां कात्यायनी को पीले फूल अर्पित करें और "ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे" मंत्र का जाप करें।
- विवाह में आ रही बाधाओं के लिए नवरात्रि में नियमित दुर्गा सप्तशती का पाठ लाभकारी माना जाता है।
- मानसिक शांति व स्वास्थ्य के लिए अष्टमी-नवमी पर कन्या पूजन अवश्य करें, इसे अत्यंत फलदायी माना गया है।

निष्कर्ष

शारदीय नवरात्रि केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सही मुहूर्त, दिशा और साधना विधि के माध्यम से अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरने का सुनहरा अवसर है। यदि आप चाहते हैं कि आपकी कुंडली और घर के वास्तु के अनुसार नवरात्रि पूजन व्यक्तिगत रूप से कैसे करना चाहिए, तो विशेषज्ञ ज्योतिष व वास्तु परामर्श अवश्य लें।

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य ज्योतिषीय और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। सटीक मुहूर्त व व्यक्तिगत उपाय के लिए पंचांग और योग्य ज्योतिषी से परामर्श करें।

 

About the Author

Dr Shalini Mehta

Dr. Shalini Mehta

Vedic Sciences Expert

Founder of Sai Kiran Institute with 30+ years of experience in Astrology, Vastu, Numerology and Palmistry.

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