Hanuman Jayanti 2026 : हनुमान जयंती हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली पर्व माना जाता है। इस दिन भगवान हनुमान की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से शनि दोष, बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव समाप्त हो सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हनुमान जी को शनि देव का कष्ट दूर करने वाला देवता माना गया है। यदि इस दिन सही विधि और समय पर पूजा की जाए, तो तुरंत लाभ प्राप्त होता है।

शनि दोष से मुक्ति के प्रभावी उपाय

यदि आपकी कुंडली में शनि दोष, साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, तो हनुमान जयंती का दिन आपके लिए विशेष अवसर है। इस दिन सुबह स्नान करके पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना भी बहुत लाभकारी होता है। मान्यता है कि इससे शनि देव शांत होते हैं और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। इसके अलावा काले तिल, काली उड़द और काले कपड़े का दान करने से भी शनि दोष कम होता है। यह उपाय विशेष रूप से शनिवार के दिन करने पर अधिक प्रभावी माना जाता है।

हनुमान चालीसा पढ़ने का सही समय

हनुमान चालीसा का पाठ हर दिन किया जा सकता है, लेकिन हनुमान जयंती पर इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। ज्योतिष के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त यानी सुबह 4 बजे से 6 बजे के बीच चालीसा पढ़ना सबसे अधिक फलदायी होता है। इसके अलावा शाम के समय सूर्यास्त के बाद भी इसका पाठ करना शुभ माना जाता है। अगर आप शनि दोष से परेशान हैं, तो इस दिन हनुमान चालीसा का 11, 21 या 51 बार पाठ करें। पाठ करते समय मन को शांत और एकाग्र रखें। मंदिर में बैठकर या घर के पूजा स्थान पर दीपक जलाकर चालीसा पढ़ने से सकारात्मक ऊर्जा तेजी से बढ़ती है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।

बुरी नजर से बचने के आसान उपाय

हनुमान जयंती के दिन बुरी नजर से बचने के लिए कुछ सरल उपाय किए जा सकते हैं। घर के मुख्य द्वार पर हनुमान जी की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है, विशेष रूप से वह चित्र जिसमें वे गदा लिए हुए हों। यह नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकता है।

एक नींबू और सात हरी मिर्च लेकर उसे अपने ऊपर से सात बार वार कर चौराहे पर फेंक देना भी बुरी नजर को दूर करता है। छोटे बच्चों को नजर से बचाने के लिए उनके माथे पर काला टीका लगाना भी उपयोगी होता है।

कौनसा दिन और समय सबसे शक्तिशाली होता है

हनुमान जयंती का दिन स्वयं ही बहुत शक्तिशाली होता है, लेकिन यदि यह मंगलवार या शनिवार को पड़ता है, तो इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। इन दिनों में हनुमान जी की पूजा करने से शनि दोष जल्दी समाप्त होता है। पूजा के लिए सबसे उत्तम समय सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले माना जाता है। इस समय की गई पूजा और साधना तुरंत फल देती है और जीवन में सुख, शांति और सुरक्षा लाती है।