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Hanuman Janmotsav 2026: Kis din manaya jayega Bajrangbali ka janmdin? Kya hai pooja karne ki sahi tithi aur sabse best muhurat?
March 23, 2026 Hanuman Janmotsav 2026,Hanuman Jayanti Date,Bajrangbali Janmdin,Hanuman Puja Muhurat,Hanuman Jayanti Tithi,Hindu Festival 2026,Astrology News

Hanuman Janmotsav 2026: Kis din manaya jayega Bajrangbali ka janmdin? Kya hai pooja karne ki sahi tithi aur sabse best muhurat?

Hanuman Janmotsav 2026 : अगर आपके मन में भी हनुमान जन्मोत्सव 2026 की सही तिथि के लिए कोई दुविधा है तो यहाँ जानें। आइए जानते हैं कि पूजा का सही मुहूर्त क्या है ? बजरंगबली को खुश करने के खास उपाय क्या हैं? हनुमान जी को किस चीज का भोग लगाएं और पूजा करने की सही विधि क्या है ? 
1. वर्ष 2026 में 2 अप्रैल को  हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा 
2. बजरंगबली से दोगुना आशीर्वाद प्राप्त हो इसके लिए पूजा का सही समय ब्रह्म मुहूर्त माना गया है
3. इस दिन बजरंगबली की स्थापना करके उन्हें आटे का लड्डू या बूंदी का भोग लगाने की मान्यता है 
हनुमान जन्मोत्सव उनके भक्तों के लिए साल का सबसे बड़ा और शुभ दिन होता है। बजरंगबली का जन्म चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को हुआ था। इन्हें साहस, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता रहा है। इस साल यह अवसर बहुत खास है क्योंकि इस दिन बहुत सारे शुभ संयोग बन रहे हैं। 

दृक पंचांग के अनुसार, भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार, संकटमोचन हनुमान जी का जन्म चैत्र माह की शुक्ल पूर्णिमा तिथि को हुआ था। इस साल हनुमान जन्मोत्सव चैत्र पूर्णिमा 2 अप्रैल, गुरुवार को पड़ रहा है। गुरुवार को हमेशा से भगवान बिष्णु का दिन माना जाता रहा है और बजरंग बाली को भगवान राम के विशेष भक्त का दर्ज दिया गया है, इस लिहाज से भी ये दिन महत्वपूर्ण है। 

शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 1 अप्रैल 2026, रात के समय से।
पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: 2 अप्रैल 2026, शाम के समय।
उदयातिथि: चूंकि उदयातिथि 2 अप्रैल को है, इसलिए इसी दिन जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
पूजा का सबसे श्रेष्ठ समय: पूजा के लिए श्रेष्ठ समय सुबह (ब्रह्म मुहूर्त) और शाम को गोधूलि बेला में माना गया है। 

आसान पूजा विधि (Puja Vidhi)

ऐसा माना जाता है की बजरंग बली बस भक्ति भाव के भूखे होते हैं। आप घर पर इस तरह सरलता से उनकी पूजा कर सकते हैं :
स्नान और संकल्प : सवेरे जल्दी उठकर स्नान करके साफ लाल,पीले या नारंगी वस्त्र धारण करें। 
मूर्ति स्थापना : मूर्ति स्थापना के लिए एक चौकी होनी  चाहिए जिस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति की स्थापना करें। 
चोला चढ़ाना : चमेली के तेल में सिदूर मिलाकर चढ़ाया गया चोला भगवान बजरंगबली को बेहद प्रिय है। 
भोग : बजरंगबली को आटे या बेसन के लड्डू, बूंदी या गुड़-चने का भोग लगाएं। 
पाठ : इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ जरूर करें। 
आरती : पूजा का समापन घी और कर्पूर का दीपक जलाकर आरती करके करें। 

हनुमान जन्मोत्सव का महत्व

शास्त्रों के अनुसार बजरंगबली को अमर माना जाता है इसलिए उनके जन्म की तिथि को जन्मोत्सव माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन जिस भक्त ने भी बजरंगबाली की साफ और सच्चे मन से पूजा की भगवान उनके हर तरह के कष्ट दूर कर देते हैं। 

विशेष टिप (Pro Tip) 

इस दिन जो भी प्रसाद चढ़ाएं उसमें तुलसी दल जरूर डालें, क्योंकि उसके बिना बजरंगबली का भोग अधूरा माना जाता है। 

About the Author

Dr Shalini Mehta

Dr. Shalini Mehta

Vedic Sciences Expert

Founder of Sai Kiran Institute with 30+ years of experience in Astrology, Vastu, Numerology and Palmistry.

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