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Ganesh Chaturthi 2026: Vighnaharta Shri Ganesh Ki Puja Se Paayen Sukh, Samriddhi...

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Ganesh Chaturthi 2026: Vighnaharta Shri Ganesh Ki Puja Se Paayen Sukh, Samriddhi Aur Safalta
September 11, 2026 Ganesh Chaturthi 2026,Lord Ganesha puja

Ganesh Chaturthi 2026: Vighnaharta Shri Ganesh Ki Puja Se Paayen Sukh, Samriddhi Aur Safalta

गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म के सबसे प्रिय और शुभ पर्वों में से एक है। यह पर्व भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धि के देवता और मंगलकारी देवता के रूप में पूजा जाता है। किसी भी नए कार्य, पूजा-पाठ या शुभ अवसर की शुरुआत श्री गणेश की वंदना से ही की जाती है, क्योंकि माना जाता है कि उनकी कृपा से सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं।

गणेश चतुर्थी का धार्मिक महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र के रूप में हुआ था। उन्हें प्रथम पूज्य देवता का स्थान प्राप्त है, अर्थात किसी भी देवी-देवता की पूजा से पहले गणेश जी की आराधना करना अनिवार्य माना जाता है। गणेश चतुर्थी भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है और यह उत्सव दस दिनों तक चलता है, जिसका समापन अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के साथ होता है।

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से गणेश पूजा का महत्व

वैदिक ज्योतिष में भगवान गणेश को बुध ग्रह और गुरु ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार का कारक है, जबकि गुरु ज्ञान, समृद्धि और भाग्य का प्रतिनिधित्व करता है। यदि किसी की कुंडली में बुध या गुरु कमजोर स्थिति में हों, तो गणेश चतुर्थी के दिन विशेष पूजा-अर्चना करने से इन ग्रहों की अशुभता कम होती है और जीवन में स्थिरता आती है। जिन व्यक्तियों को कार्यों में बार-बार रुकावटें आती हैं, नए व्यवसाय में असफलता मिलती है, या मानसिक अशांति बनी रहती है, उनके लिए यह पर्व विशेष लाभकारी माना जाता है।

गणेश चतुर्थी पूजा विधि

गणेश चतुर्थी के दिन प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। घर या पंडाल में गणेश जी की मूर्ति स्थापित कर विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है। इसके बाद दूर्वा घास, मोदक, लाल फूल, सिंदूर और धूप-दीप से पूजा की जाती है। "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है। मोदक भगवान गणेश का प्रिय भोग है, इसलिए इसे अवश्य अर्पित करना चाहिए।

घर में सुख-समृद्धि के लिए सरल उपाय

1. प्रतिदिन सुबह गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें, इससे बुध ग्रह मजबूत होता है।
2. व्यापार में उन्नति के लिए गणेश चतुर्थी के दिन तिजोरी में गणेश यंत्र स्थापित करें।
3. मानसिक शांति के लिए नियमित रूप से "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करें।
4. घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी की मूर्ति या चित्र लगाना शुभ माना जाता है, इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है।

निष्कर्ष

गणेश चतुर्थी केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर है। यदि आप वैदिक ज्योतिष के माध्यम से अपनी कुंडली में बुध और गुरु ग्रह की स्थिति जानना चाहते हैं और जीवन की बाधाओं का सटीक समाधान पाना चाहते हैं, तो साई किरण इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ ज्योतिषियों से परामर्श लें और अपने जीवन को सही दिशा दें।

*गणपति बप्पा मोरया!*

About the Author

Dr Shalini Mehta

Dr. Shalini Mehta

Vedic Sciences Expert

Founder of Sai Kiran Institute with 30+ years of experience in Astrology, Vastu, Numerology and Palmistry.

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