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दशहरा 2026: विजयादशमी का महत्व और जीवन में विजय पाने के ज्योतिषीय उपाय

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दशहरा 2026: विजयादशमी का महत्व और जीवन में विजय पाने के ज्योतिषीय उपाय
October 12, 2026 Dussehra,Vedic Astrology

दशहरा 2026: विजयादशमी का महत्व और जीवन में विजय पाने के ज्योतिषीय उपाय

नवरात्रि के नौ दिनों की साधना के बाद आता है विजयादशमी, यानी दशहरा। वर्ष 2026 में यह पर्व **20 अक्टूबर, मंगलवार** को मनाया जाएगा। यह दिन असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। इसे नई शुरुआत के लिए बहुत शुभ माना जाता है।

दशहरे की पौराणिक कथा

दशहरे से दो प्रमुख कथाएँ जुड़ी हैं। पहली के अनुसार, भगवान श्रीराम ने इसी दिन रावण का वध किया था। दूसरी के अनुसार, माँ दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था। दोनों कथाओं का संदेश एक ही है: अहंकार और अन्याय का अंत निश्चित है। इसीलिए देश भर में रावण दहन होता है और बंगाल में माँ दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।

ज्योतिष की दृष्टि से दशहरा

हमारी परंपरा में विजयादशमी को "अबूझ मुहूर्त" के रूप में देखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन नया काम, नया व्यवसाय, वाहन या संपत्ति की खरीद और विद्यारंभ जैसे शुभ कार्य बिना अलग मुहूर्त देखे भी शुरू किए जा सकते हैं। फिर भी अपनी जन्मकुंडली और दशा को देखकर कदम उठाना अधिक लाभकारी रहता है। इसके लिए किसी अनुभवी ज्योतिषी की सलाह लें।

दशहरे पर किए जाने वाले शुभ कार्य

- शस्त्र और औज़ार पूजन: अपने काम के साधनों को साफ़ करके उनकी पूजा करें।
- शमी पूजन: परंपरा के अनुसार शमी वृक्ष की पूजा विजय और सफलता की कामना से की जाती है।
- दान: अपनी सामर्थ्य अनुसार ज़रूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
- संकल्प: एक बुराई छोड़ने और एक अच्छी आदत अपनाने का संकल्प लें।

वास्तु और अंक ज्योतिष के सुझाव

दशहरे के अवसर पर घर और कार्यस्थल की सफ़ाई करें और टूटी-फूटी या बेकार चीज़ें हटा दें। वास्तु में खुली और स्वच्छ जगह को सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह के लिए अच्छा माना गया है। अंक ज्योतिष के अनुसार 20 अक्टूबर 2026 का मूलांक 2 (20 = 2+0) बनता है, जिसे संवेदनशीलता, सहयोग और संतुलन से जोड़ा जाता है। इस दिन किसी से विवाद करने की जगह सहयोग का रास्ता चुनना बेहतर रहेगा।

सच्ची विजय क्या है?

रावण केवल बाहर का पात्र नहीं है। हमारे भीतर का क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और अहंकार भी रावण के ही रूप हैं। दशहरा हमें इन्हीं पर विजय पाने की प्रेरणा देता है। जो व्यक्ति अपने भीतर के रावण को जीत लेता है, उसकी जीत स्थायी होती है।

आगे का मार्ग

अगर आप ज्योतिष और वास्तु का ज्ञान अपने जीवन या करियर में उतारना चाहते हैं, तो इस विजयादशमी पर सीखने का संकल्प लें। साई किरण इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज़ वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष, लाल किताब और केपी ज्योतिष के कोर्स लाइव ऑनलाइन और ऑफलाइन कराता है। विवरण के लिए saikiraninstitute.com देखें या +91 98104 33224 पर संपर्क करें।

*आप सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ!*

 

About the Author

Dr Shalini Mehta

Dr. Shalini Mehta

Vedic Sciences Expert

Founder of Sai Kiran Institute with 30+ years of experience in Astrology, Vastu, Numerology and Palmistry.

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