शारदीय नवरात्रि 2026 का आरंभ 11 अक्टूबर से हो चुका है। अब इसका सबसे शक्तिशाली चरण आने वाला है, यानी महा अष्टमी और महा नवमी। इस वर्ष ये दोनों तिथियाँ 18–19 अक्टूबर के आसपास हैं। तिथि के संयोग के कारण कुछ पंचांगों में दोनों पूजा एक ही दिन बताई गई हैं। इसलिए अपने शहर के सूर्योदय के अनुसार स्थानीय पंचांग या किसी योग्य ज्योतिषी से सही मुहूर्त ज़रूर पूछ लें।
महा अष्टमी का महत्व
अष्टमी तिथि पर माँ दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की उपासना होती है। मान्यता है कि महागौरी की पूजा से मन के विकार शांत होते हैं और जीवन में शुद्धता आती है। इस दिन बहुत से भक्त व्रत रखते हैं और घर में हवन करते हैं। अष्टमी और नवमी के संधिकाल में होने वाली संधि पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है।
महा नवमी का महत्व
नवमी नवरात्रि का अंतिम दिन है। इस दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जिन्हें सिद्धियाँ और सफलता देने वाली देवी माना जाता है। कई स्थानों पर इसी दिन आयुध पूजा और सरस्वती पूजा भी होती है। विद्यार्थी और कामकाजी लोग अपने औज़ार, पुस्तकें और कार्य के साधन देवी के समक्ष रखकर पूजन करते हैं।
कन्या पूजन की सरल विधि
1. सुबह स्नान करके घर और पूजा स्थान को साफ़ करें।
2. माँ दुर्गा को हलवा, चना और पूरी का भोग लगाएँ।
3. नौ कन्याओं और एक छोटे बालक को आदर से बुलाएँ और उनके पैर धोएँ।
4. उन्हें तिलक लगाकर भोजन कराएँ।
5. अपनी श्रद्धा अनुसार उपहार या दक्षिणा देकर आशीर्वाद लें।
ज्योतिष और वास्तु के सरल उपाय
- उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को साफ़ रखें और वहाँ दीपक जलाएँ। वास्तु में इसे पूजा के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
- मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाएँ और द्वार के पास गंदगी न रहने दें।
- पूजा स्थान में शाम को घी का दीपक जलाएँ और शांत मन से मंत्र जाप करें।
- इन दिनों क्रोध, विवाद और नकारात्मक बोल से बचें, क्योंकि यह आत्म-संयम का समय है।
निष्कर्ष
नवरात्रि केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं है। यह अपने भीतर की शक्ति को पहचानने का अवसर भी है। अष्टमी और नवमी पर श्रद्धा और संयम से की गई साधना मन को स्थिरता देती है। अगर आप वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र या अंक ज्योतिष को गहराई से सीखना चाहते हैं, तो साई किरण इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज़ के लाइव कोर्स आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए saikiraninstitute.com पर जाएँ या +91 98104 33224 पर संपर्क करें।