अक्टूबर आते ही घरों में सफाई, रंग-रोगन और सजावट की तैयारियाँ शुरू हो जाती हैं। नवरात्रि से दिवाली तक का समय माँ लक्ष्मी और माँ दुर्गा की आराधना का होता है। मान्यता है कि इस दौरान घर की ऊर्जा सबसे जल्दी बदलती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर केवल ईंट-पत्थर की इमारत नहीं है। वह एक जीवित ऊर्जा क्षेत्र है, जो हमारे स्वास्थ्य, रिश्तों और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है। इसलिए इस त्योहारी सीज़न में कुछ छोटे बदलाव आपके जीवन में बड़ा फ़र्क़ ला सकते हैं।
1. मुख्य द्वार को आकर्षक बनाएँ
मुख्य द्वार को ऊर्जा का प्रवेश-द्वार माना जाता है। इसे साफ़, रोशन और बाधा-मुक्त रखें। दरवाज़े के पास टूटे जूते, कबाड़ या कूड़ेदान न रखें। तोरण, रंगोली और शुभ-लाभ का चिह्न लगाने से सकारात्मकता बढ़ती है।
2. ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) की सफ़ाई
यह दिशा पूजा और आध्यात्मिकता की मानी जाती है। यहाँ भारी सामान न रखें। इस कोने को हल्का, साफ़ और खुला रखें। पूजा स्थान यहीं हो तो सबसे अच्छा है।
3. बेकार सामान हटाएँ
टूटी घड़ियाँ, बंद पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान, फटे कपड़े और पुराने कागज़ों का ढेर घर में ठहराव लाते हैं। दिवाली की सफ़ाई में इन्हें दान करें या हटा दें। जगह खाली होगी तो नई ऊर्जा और अवसरों के लिए रास्ता खुलेगा।
4. उत्तर दिशा में धन का स्थान
तिजोरी या अलमारी, जिसमें पैसा रखा जाता है, उसे दक्षिण दीवार से लगाकर इस तरह रखें कि उसका द्वार उत्तर की ओर खुले। इस दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है।
5. रसोई में संतुलन
रसोई का संबंध अग्नि तत्व से है। गैस चूल्हा दक्षिण-पूर्व में हो तो उत्तम माना जाता है। रसोई को साफ़ रखें और जूठे बर्तन रात भर न छोड़ें।
6. प्रकाश का सही उपयोग
दिवाली का मूल संदेश अंधकार पर प्रकाश की जीत है। घर के अंधेरे कोनों में दीपक या हल्की रोशनी रखें। पूजा के लिए घी या तिल के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
7. सुगंध और ध्वनि
कपूर, गूगल या धूप की सुगंध और शंख या घंटी की ध्वनि वातावरण को शुद्ध करने वाली मानी जाती है। सुबह-शाम कुछ मिनट इसका अभ्यास करें।
एक ज़रूरी बात
वास्तु का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं है। इसका उद्देश्य जागरूकता है। हर घर की बनावट और उसमें रहने वालों की कुंडली अलग होती है, इसलिए हर उपाय सब पर एक जैसा लागू नहीं होता। बिना तोड़-फोड़ के भी वैदिक वास्तु, एस्ट्रो-वास्तु और लाल किताब आधारित सरल समाधान संभव हैं।
यदि आप अपने घर या दुकान की ऊर्जा को सही तरह समझना चाहते हैं, तो सांई किरण इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज में शालिनी मेहता जी से व्यक्तिगत परामर्श लेकर अपनी दिवाली को और भी शुभ बना सकते हैं।