वैदिक ज्योतिष शास्त्र में गुरुओं के देवता बृहस्पति को ज्ञान, धन, संतान, भाग्य तथा धार्मिक कार्यों का कारक माना जाता है। इसलिए इनके अस्त होने पर इनकी कृपा से मिलने वाले शुभ प्रभावों में कुछ कमी आ जाती है। ये जरूरी नहीं है कि इससे सभी राशियाँ एक सी प्रभावित हों। इस बार 15 जुलाई के बाद से सूर्य के अस्त होते ही कुछ राशियों के लिए जहां प्रगति के नये मार्ग प्रशस्त होंगे तो वहीं चार राशियों के लोगों को इस दौरान विशेष सावधानी रखने की जरूरत है।
ज्योतिषीय गणना की मानें तो मेष, सिंह, धनु, और मीन राशि के जातकों को अस्त गुरु के सकारात्मक प्रभाव देखने मिल सकते हैं। कुछ अवधि से रुके हुए कार्य इस समय पूर्ण हो जाएंगे। नौकरी कर रहे जातकों की पदोन्नति होने की प्रबल संभावना बनी हुई है। जिन जातकों का व्यापार धीमा चल रहा था उन्हें अचानक ही गति प्राप्त होगी और व्यापार के विस्तार के भी संयोग बने हुए हैं। लंबे समय से किसी के यहाँ उधार है या कहीं कोई धन अटक हुआ है तो उसके मिलने की संभावना है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे छात्रों को सफलता मिलेगी तथा उच्च शिक्षा के लिए नये अवसर प्राप्त होंगे।
करियर और व्यापार के साथ - साथ इस अवधि में पारिवारिक जीवन में खुशियां आने की बात कही गई है। परिवार के साथ किसी खास जगह पर जाने या फिर कुछ अच्छे समय बिताने का मौका मिलेगा। पुरानी गलतफहमियों को दूर कर रिश्तों को नये अवसर दिए जाएंगे। इस अवधि में जो भी व्यापार की शुरुवात करने के इच्छुक हैं या बड़ा निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए ये समय अनुकूल है। हालांकि, किसी भी बड़े आर्थिक निर्णय से पहले विशेषज्ञ से सलाह जरूर ली जानी चाहिए।
कुछ राशियाँ ऐसी भी हैं जिन्हें इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मिथुन, कन्या, तुला और मकर चार ऐसी राशियाँ हैं जिनके लिए ये समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। नौकरी कर रहे जातकों को कार्यस्थल पर अनावश्यक दवाब झेलना पड़ सकता है या फिर बेवजह के खर्चों से आर्थिक दवाब झेलना पड़ सकता है। महत्वपूर्ण फैसलों में जल्दबाजी करने से बचें वरना भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। रिश्तों में विश्वास बनाए रखें और कड़वी वाणी का प्रयोग बिल्कुल ना करें। अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें। जरा सी भी लापरवाही आपको अस्पताल के चक्कर लगवा सकती है।
ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इस अवधि में किया गया दान, भगवान बिष्णु की आराधना तथा गुरुवार का व्रत उपरोक्त जातकों के लिए विशेष फलकारी रहेगा। इस सबके अलावा सकारात्मक सोच बनाए रखना जरूरी है। आपके अंदर की सकारात्मकता तथा धैर्यपूर्वक लिया गया निर्णय आपको हर तरह की परिस्थिति से उबरने में मदद करेगा।